Saturday, January 1, 2011

गुड्डू बने किडनैपर, अब जेल में बीतेगी विधायकी

बुलंदशहर जिला बसपा में कोषाध्यक्ष देवेन्द्र भारद्वाज को अनूपशहर सीट पर विधायक गजेन्द्र सिंह के खिलाफ मजबूत करने की रणनीति गुड्डू पंडित के जीवन की सबसे बड़ी गलती बन गई है। अपने कुनबे के साथ 26 बीडीसी सदस्यों के अपहरण कांड में जेल गये एमएलए गुड्डू पंडित पर गैगस्टर एक्ट लगाय़ा गया है। जिला प्रशासन ने अगले कुछ ही दिनों में उन्हें रासुका में निरूद्ध करने के संकेत दिये है, साथ ही गुड्डू पंडित का बसपा से विदा होना भी तय है। 

21 दिसंबर की शाम छतारी के पास बसपा विधायक गुड्डू पंडित, उनके भाईयों और करीब दो दर्जन से ज्यादा लोगो ने हथियारों की नोंक पर आगरा से जहॉगीराबाद जा रहे एक बस में सवार 26 बीडीसी सदस्यों का अपहरण कर लिया और फरार हो गये। इस वारदात में विधायक गुड्डू पंडित के साथ जिला बसपा के कोषाध्यक्ष देवेन्द्र भारद्वाज, अनूपशहर के पूर्व ब्लाक प्रमुख विनोद राव और डूँगराजाट का ग्राम प्रधान सुन्दर सिंह भी शामिल था। दरअसल, जिला बसपा में अपनी दबंगई के चलते गुड्डू पंडित ने विधायक गजेन्द्रसिंह के विरोध के बाबजूद गाजियाबाद में एआरटीओ अर्जुनसिंह की पत्नी मायादेवी को जहॉगीराबाद से प्रत्याशी बनाया था और पार्टी का समर्थन दिलाने में भी कामयाब रहे। 
      
गुड्डू की प्रतिष्ठा का प्रश्न बनी इस सीट को जीत कर गुड्डू एक तीर से दो शिकार करने की जुगत में थे, एक तो पार्टी में सिक्का बना रहे, दुसरे गजेन्द्रसिंह को उनके ही गढ़ में धूल चटाकर 2012 के चुनावों के लिए अनूपशहर सीट से देवेन्द्र भारद्वाज को प्रत्याशी प्रोजेक्ट किया जाये।
      
लेकिन देर रात तक जिलाधिकारी कार्यालय पर हुए घेराव और कानून-व्यवस्था को चौपट होते देख डीएम ने एसएसपी को मामले की जॉच के निर्देश दिये। आधी रात के बाद गुड्डू की हरकत पुलिस अभिलेखों में दर्ज हुए और राज्य निर्वाचन आयोग के निर्देश के बाद गुड्डू पंडित एंड कंपनी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया। 22 दिसंबर को जहॉगीराबाद ब्लाक प्रमुख चुनाव के लिए वोट तो डाले गये, लेकिन मायादेवी के खिलाफ खड़े प्रत्याशी विजेन्द्रसिंह ने मतदान का बहिष्कार कर दिया। 
     
उधर एसएसपी के निर्देशन में जिले भर में पुलिस की टीमों ने गुड्डू पंडित के कई ठिकानों के अलावा देवेन्द्र भारद्वाज और विनोद राव की मॉदें खँगाल डाली। विनोद राव समेत और गुड्डू पंडित के भाई प्रेमशर्मा समेत एक दर्जन लोग पुलिस ने गिरफ्तार किये और नौं गाड़ियों के अलावा भारी मात्रा में असलाह बरामद किये गये। जिले से भागने गुड्डू की कोशिश कर रहे गुड्डू पंडित को जेपी नगर के हसनपुर में उनके गनर समेत पकड़ा गया। बाद में एसएसपी गुड्डू पंडित को बुलंदशहर ले आये।
     
अगले दिन जब गुड्डू पंडित जेल जाने के लिए सज रहे थे, पुलिस ने टीचर्स कॉलोनी में उनके भाई मुकेश पंडित को उनकी ससुराल में दबोचा। गुड्डू गुरूवार को जेल भेजे गये और मुकेश शुक्रवार को। चुनाव आयोग के आदेश पर जहॉगीराबाद का मतदान निरस्त होकर 26 दिसंबर को पुनर्मतदान कराया गया और क्लीन स्वीप करते हुए निर्दलीय प्रत्याशी विजेन्द्र सिंह ने जीत दर्ज की।
    
छतारी से अगवा किये गये बीडीसी सदस्यों को नरौरा, डिबाई में गुड्डू के ठिकानों के अलावा अनूपशहर में देवेन्द्र भारद्वाज के ठिकानों पर बंधक बनाकर रखा गया था। पुलिस ने 14 बीडीसी सदस्यों को मुक्त कराया। बाकी जगहों पर बंधक बीडीसी पुलिस के डर से भागे गुड्डू के गुर्गों के जाने के बाद निकल आये थे। गुड्डू पंडित एंड कंपनी पर मुकदमा दर्ज होने के बाद बसपा हाईकमान ने विनोद राव और देवेन्द्र भारद्वाज को पार्टी से निकाल दिया है। देवेन्द्र भारद्वाज अभी पुलिस के चंगुल में नही आये है, लेकिन उनकी गिरफ्तारी के बाद उनकी और मजामत भी होगी, ऐसे संकेत सरकार से मिले है।
    
मायादेवी के पति अर्जुनसिंह भी पुलिस से भाग रहे है। इनकी तलाश में जिला पुलिस की कई टीमों ने नोयडा, गाजियाबाद और दिल्ली में डेरा डाल रखा है। इसके अलावा शनिवार को गुड्डू पंडित, उनके भाई मुकेश, विनोद राव, और सरकारी गनर समेत 10 लोगो के खिलाफ गैंगस्टर लगाया गया है। सरकार से मिली ढ़ील को देखे तो जिला प्रशासन और पुलिस गुड्डू और उनके गुर्गों पर रासुका लगाने का मन बना चुकी है। तय है कि गुड्डू की बाकी विधायकी जेल में ही बीतेगी।

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